कर्नाटक

Lakkundi में मिले 600 साल पुराने सोने के आभूषण

Kavita2
21 May 2026 12:40 PM IST
Lakkundi में मिले 600 साल पुराने सोने के आभूषण
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के गदग जिले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में हाल ही में मिले प्राचीन खजाने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस खजाने में लगभग 466 ग्राम वजन के दुर्लभ सोने के आभूषण शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह आभूषण लगभग 600 साल पुराने माने जा रहे हैं, जिससे इस खोज का ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

जिला प्रभारी मंत्री H. K. Patil ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि लक्कुंडी में मिले इस खजाने में प्राचीन काल के अत्यंत दुर्लभ सोने के आभूषण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह खोज न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान है।

मंत्री ने बताया कि इन आभूषणों का वजन लगभग 466 ग्राम है और इनकी उम्र लगभग 600 वर्ष आंकी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आभूषण उस काल की शिल्पकला और धातु कार्य की उन्नत परंपरा को दर्शाते हैं, जो लक्कुंडी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को और मजबूत करता है।

इस खजाने के मूल्यांकन के लिए पुरातत्व विभाग की ओर से एक विशेष प्रक्रिया अपनाई गई है। विभाग के आयुक्त ने इस उद्देश्य के लिए गदग के जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति आभूषणों की वास्तविक ऐतिहासिक और आर्थिक कीमत का विस्तृत अध्ययन कर रही है।

लक्कुंडी पहले से ही चालुक्य काल की समृद्ध स्थापत्य कला और पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां लगातार हो रही खोजों ने इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के रूप में और भी स्थापित कर दिया है। हाल की इस खोज ने क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्राचीन सोने के आभूषण न केवल उस समय की समृद्धि का संकेत देते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि उस दौर में कला और शिल्प कितनी उन्नत अवस्था में थे। इन वस्तुओं का अध्ययन आने वाले समय में इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकता है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस खोज से लक्कुंडी को पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में भी नई पहचान मिलने की संभावना है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी पुरातात्विक खोजों की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल, विशेषज्ञ समिति द्वारा आभूषणों का विस्तृत विश्लेषण जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद इनके संरक्षण और प्रदर्शन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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